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जिले में संपन्न हुई 7वीं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता

 

जिले में संपन्न हुई 7वीं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता

4,734 पंजीयन में 3,897 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, 82.28 प्रतिशत रही उपस्थिति

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। शिक्षा को कक्षा की चारदीवारी से आगे ले जाते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान, अध्ययनशीलता, जिज्ञासा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से जिले के शिक्षकों द्वारा लगातार सातवीं बार आयोजित जिला स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता 2026 की परीक्षा 23 अगस्त को जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। वर्ष 2020-21 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता इस वर्ष अपने सातवें संस्करण में पहुंची है।


आयोजन समिति के अध्यक्ष पन्नालाल जंघेल, सचिव रूपेश देवांगन, कोषाध्यक्ष राजुदास मानिकपुरी, सलाहकार गिरेन्द्र सुधाकर, संजू सांखला, कोमल नारायण वर्मा, संतोष नेताम, अवध चंदेल एवं संजीव कुमार धुर्वे सहित समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।


4,734 विद्यार्थियों का हुआ पंजीयन


इस वर्ष प्रतियोगिता में जिलेभर से कुल 4,734 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ, जिसमें 3,897 विद्यार्थी परीक्षा में उपस्थित रहे और 837 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। जिले की कुल उपस्थिति 82.28 प्रतिशत रही।

प्रतियोगिता में जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक तथा हाई/हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है।


12 परीक्षा केंद्रों में हुई परीक्षा

प्रतियोगिता की परीक्षा खैरागढ़ विकासखंड के खैरागढ़, पांडादाह, ठेलकाडीह, जालबांधा, कामठा और बाजार अतरिया तथा छुईखदान विकासखंड के छुईखदान, बुंदेली, रोड अतरिया, गंडई, ठाकुरटोला और साल्हेवारा में आयोजित की गई।


परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष के रूप में श्रीमती इंदिरा चंद्रवंशी, श्री सुधांशु झा, श्री मनसुख लाल वर्मा, श्री सुशील कुमार तिवारी, श्री अजय कुमार वर्मा, श्री तीलेश साहू, श्रीमती शकुंतला ठाकुर, श्री चिंतराम श्रीवास, श्री शिवकुमार पारधी, श्री महेश ठाकुर, श्री शिव पुलस्त्य और श्री नरेंद्र कुमार पटले ने परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी निभाई।


100 प्रश्नों की रही परीक्षा

प्रतियोगिता में कुल 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए। प्रश्नपत्र चार भागों में विभाजित था। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई का सामान्य ज्ञान 30 अंक, छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान 30 अंक, भारत का सामान्य ज्ञान 30 अंक तथा विश्व का सामान्य ज्ञान 10 अंक रखा गया था। प्रश्नों में सामान्य परिचय, इतिहास, भूगोल, राजनीति, साहित्य, लोककला एवं संस्कृति, पर्यटन एवं मंदिर, पर्व-मेला, खनिज, शिक्षा, जनजातियां, व्यक्तित्व, पुरस्कार, खेल और पर्यावरण सहित विभिन्न विषयों को शामिल किया गया।


प्रतियोगिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों के अध्ययन के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया जाता है। छत्तीसगढ़, भारत और विश्व सामान्य ज्ञान के विभिन्न हिस्सों में पाठ्यपुस्तक आधारित प्रश्नों को शामिल किया गया है, जिससे प्रतियोगिता की तैयारी विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई को भी मजबूत करती है।

अपने आप में अनूठी है यह प्रतियोगिता 

यह सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसका पूरा आयोजन शिक्षकों के स्वैच्छिक समय, श्रम और आर्थिक सहयोग से किया जाता है। विद्यार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। प्रश्न निर्माण, पाठ्यक्रम निर्धारण, पंजीयन, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट, प्रचार-प्रसार, मूल्यांकन, परिणाम और पुरस्कार वितरण जैसे कार्यों में शिक्षक स्वयं जिम्मेदारी निभाते हैं।

परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष और सहयोगी शिक्षकों ने भी किसी प्रकार के मानदेय की अपेक्षा के बिना अपनी नियमित जिम्मेदारियों के अतिरिक्त समय निकालकर परीक्षा व्यवस्था संभाली। शिक्षकों का यह प्रयास बच्चों के प्रति उनके सेवाभाव और शैक्षणिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


शिक्षकों की पहल बनी ज्ञान-विकास का सशक्त माध्यम

वर्ष 2020-21 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता अब लगातार सातवीं बार आयोजित हुई है। इतने वर्षों तक किसी शैक्षणिक गतिविधि को स्वैच्छिक सहयोग से निरंतर संचालित करना अपने आप में उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह पहल जिले के शिक्षकों के सामूहिक समर्पण का उदाहरण बन चुकी है।

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का सामान्य ज्ञान बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी पाठ्यपुस्तकों को ध्यानपूर्वक पढ़ने, तथ्यों को समझने, अपनी जिज्ञासा बढ़ाने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रारंभिक रूप से तैयार करने का अवसर देना भी है।


इस आयोजन में सरकारी बजट या व्यावसायिक उद्देश्य के बजाय शिक्षकों की सामूहिक इच्छा, समय, श्रम और संसाधन बच्चों के भविष्य के लिए समर्पित किए जाते हैं। यही इस प्रतियोगिता को अपने आप में एक अनूठी शैक्षणिक पहल बनाता है।

आयोजन समिति ने परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थियों, पालकों, शिक्षकों, केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।


आयोजन समिति के सभी सदस्यों का योगदान

पन्नालाल जंघेल, रूपेश देवांगन, राजुदास मानिकपुरी, गिरेन्द्र सुधाकर, संजू सांखला, कोमल नारायण वर्मा, संतोष नेताम, अवध चंदेल, संजीव कुमार धुर्वे, नीलमचंद सांखला, दुष्यंत शर्मा, दुर्जन जंघेल, सतीश श्रीवास्तव, नोहरू जंघेल, महदीप जंघेल, कौशल सिंह राजपूत, महेश वर्मा, चेतराम वर्मा, रमन मोटवानी, दिलीप वर्मा, डॉ. सियाराम साहू, मोहन जंघेल, अजय सिंह राजपूत, राजेश श्रीवास्तव, तोकराम सिन्हा, टीकाराम देशमुख, नरेंद्र पटले, देवेंद्र यादव, मनोज कुमार वर्मा, लिलेश वर्मा, खेमशंकर साहू, मयाराम राठौर, दोदेश्वर चंदेल, उज्जव नामदेव, अशोक जंघेल, दिनेश निर्मलकार, परमेश्वर कौशिक, अरुण कोसे, मुरली मनोहर वर्मा, भागचंद साहू, पूर्णेश वैष्णव, दीपक मिश्रा, भीखेंद्र जंघेल, शिवचरण वर्मा, जगदीश राम पटेल, गांधी राम साहू, राजकुमार मसखरे, निरंजन टंडन, उपेन्द्र देवांगन, किशन वर्मा, राजेश बारले, संतोष कुमार बघेल, ओमप्रकाश वर्मा, नोहर देशमुख, कुलदीप साहू, द्वारका वर्मा, कुंभलाल जंघेल, राघवेंद्र वर्मा, अमरदास चेलक, अश्वनी साहू, पुखराज सिंह खुशरो, किशोर जंघेल, इंदिरा चंद्रवंशी, रोहित कुमार जांगड़े, विकास चोपड़ा, राघवेंद्र वर्मा, उमेन्द पटेल, रामेश्वर वर्मा, रवि देशमुख, हेमलाल वर्मा, लेखराम वर्मा, लवकुश वर्मा, खेमलाल जंघेल, टेकेंद्र वर्मा, कृपाल वर्मा, सुधांशु झा, राधेलाल वर्मा, गणेश जंघेल और भोज वर्मा।

जिले में संपन्न यह सातवीं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि शिक्षकों के सामूहिक समर्पण, सेवाभाव और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयास की प्रेरणादायी मिसाल है।




































































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